देश लूटने वाले व्यक्ति को करना पड़ेगा कानून का सामना : पीएम मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 52 बार मन की बात की. अपने एपिसोड में उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में यह पहली बार होगा जब 21वीं सदी में जन्में युवा अपने वोट का इस्तेमाल आम चुनाव में करेंगे. इसके अलावा उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस को भी प्रमुखता से याद किया. इसके अलावा पीएम ने कर्नाटक के सिद्धगंगा मठ के संत शिवकुमार स्वामी के निधन पर बात की. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने के आखरी रविवार को मन की बात कार्यक्रम के जरिये देशवाशियों को संबोधित करते है.
क्या कहा पीएम मोदी ने :
बीती 21 तारीख को एक शोक का समाचार मिला. कर्नाटक में टुमकुर जिले के श्री सिद्धगंगा मठ के डॉक्टर श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामी जी हमारे बीच नहीं रहे. स्वामी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज-सेवा में समर्पित किया था. स्वामी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज-सेवा में समर्पित कर दिया था और अपने 111 वर्षों के जीवन काल में उन्होंने हज़ारों लोगों के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान के लिए कार्य किया. स्वामी जी के जीवन में यह प्राथमिकता रहती थी कि लोगों को भोजन, आश्रय, शिक्षा और आध्यात्मिक ज्ञान मिले तथा किसानों का हर तरह से कल्याण हो. सिद्धगंगा मठ नियमित रूप से पशु और कृषि मेलों का भी आयोजन करता था.
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25 जनवरी को चुनाव आयोग का स्थापना दिवस था, जिसे #NationalVotersDay के रूप में मनाया जाता है. भारत में बड़े पैमाने पर चुनाव का आयोजन हमारा चुनाव आयोग करता है जिसे देखकर प्रत्येक देशवासी को चुनाव आयोग पर गर्व होना स्वाभाविक है. जहाँ एक ओर हिमाचल प्रदेश में समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊँचाई वाले क्षेत्र में भी मतदान केंद्र स्थापित किया जाता है, तो वहीं अंडमान और निकोबार के द्वीप समूह में दूर-दराज के द्वीपों में भी वोटिंग की व्यवस्था की जाती है. मैं, हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने का निरंतर प्रयास करने के लिए चुनाव आयोग की सराहना करता हूँ.
इस साल हमारे देश में लोकसभा के चुनाव होंगे, यह पहला अवसर होगा जहाँ 21वीं सदी में जन्मे युवा लोकसभा चुनावों में अपने मत का उपयोग करेंगे. अब वो देश में निर्णय प्रक्रिया के हिस्सेदार बनने जा रहे हैं. ख़ुद के सपनों को, देश के सपनों के साथ जोड़ने का समय आ चुका है.

भारत की इस महान धरती ने कई सारे महापुरुषों को जन्म दिया है और उन महापुरुषों ने मानवता के लिए कुछ अद्भुत, अविस्मरणीय कार्य किये हैं। हमारा देश बहुरत्ना-वसुंधरा है. ऐसे महापुरुषों में से एक थे – नेताजी सुभाष चन्द्र बोस. जब मैं लाल किले में, क्रान्ति मंदिर में नेताजी से जुड़ी यादों के दर्शन कर रहा था तब मुझे नेताजी के परिवार के सदस्यों ने बहुत ही ख़ास टोपी भेंट की. कभी नेताजी उस टोपी को पहना करते थे। मैंने संग्रहालय में ही, उस टोपी को रखवा दिया, जिससे वहाँ आने वाले लोग भी उस टोपी को देखें.
सुभाष बाबू को हमेशा एक वीर सैनिक और कुशल संगठनकर्ता के रूप में याद किया जाएगा. एक ऐसा वीर सैनिक जिसने आज़ादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई. “दिल्ली चलो”, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आज़ादी दूंगा”, जैसे ओजस्वी नारों से नेताजी ने हर भारतीय के दिल में जगह बनाई. कई वर्षों तक यह माँग रही कि नेताजी से जुड़े दस्तावेज़ को सार्वजनिक किया जाए और मुझे इस बात की ख़ुशी है, यह काम हम लोग कर पाए.
30 दिसंबर को मैं अंडमान और निकोबार द्वीप गया था. एक कार्यक्रम में ठीक उसी स्थान पर तिरंगा फहराया गया, जहां नेताजी सुभाष बोस ने 75 साल पहले तिरंगा फहराया था. आपने अभी तक गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर को एक लेखक और एक संगीतकार के रूप में जाना होगा. लेकिन मैं बताना चाहूँगा कि गुरुदेव एक चित्रकार भी थे. हमारे संतों ने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सद्भाव, समानता और सामाजिक सशक्तिकरण का सन्देश दिया है. ऐसे ही एक संत थे – संत रविदास.
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आजादी से 2014 तक जितने स्पेस मिशन हुए हैं, लगभग उतने ही स्पेस मिशन की शुरुआत बीते चार वर्षों में हुई है. हमने एक ही अंतरिक्ष यान से एक साथ 104 Satellites लॉन्च करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है. हम जल्द ही चंद्रयान-2 अभियान से चाँद पर भारत की मौजूदगी दर्ज कराने वाले हैं.
बच्चों के लिए आसमान और सितारे हमेशा बड़े आकर्षक होते हैं. हमारा स्पेस प्रोग्राम बच्चों को बड़ा सोचने और उन सीमाओं से आगे बढ़ने का अवसर देता है, जो अब तक असंभव माने जाते थे.
जब हमारा स्पोर्ट्स का लोकल इकोसिस्टम मजबूत होगा यानी जब हमारा बेस मजबूत होगा तब ही हमारे युवा देश और दुनिया भर में अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर पाएंगे.
2 अक्टूबर, 2014 को हमने अपने देश को स्वच्छ बनाने और खुले में शौच से मुक्त करने के लिए एक साथ मिलकर एक चिर-स्मरणीय यात्रा शुरू की थी. भारत के जन-जन के सहयोग से आज भारत 2 अक्टूबर, 2019 से काफी पहले ही खुले में शौच मुक्त होने की ओर अग्रसर है.
स्वच्छ भारत अभियान से पाँच लाख पचास हज़ार से अधिक गांवों ने और 600 जिलों ने स्वयं को खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया है एवं क़रीब नौ करोड़ परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है.
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Source: HW News

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