चंदा कोचर पर एफआईआर दर्ज करने वाले सीबीआई अधिकारी का ट्रांसफर

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पुरे देश को संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि इस चुनाव के दौरान हम सब अपने मताधिकार का प्रयोग, अपनी लोकतान्त्रिक मान्यताओं और मूल्यों के प्रति पूरी निष्ठा के साथ करेंगे. यह चुनाव, इस मायने में विशेष होगा कि 21वीं सदी में जन्म लेने वाले मतदाता पहली बार मतदान करेंगे और नई लोकसभा के गठन में अपना योगदान देंगे. यह चुनाव, सभी देशवासियों के लिए लोकतन्त्र में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. हमारे लोकतन्त्र की सफलता के लिए, मतदान करना हमारा एक पुनीत कर्तव्य बन जाता है. मेरा आप सभी से अनुरोध है कि इस कर्तव्य का अवश्य पालन करें.

President Ram Nath Kovind in his address to the nation on the eve of the 70th Republic Day: #RepublicDay2019 is an opportunity for all citizens of the country to remember independence, equality, & brotherhood. pic.twitter.com/2G1YiztFbv
— ANI (@ANI) January 25, 2019

राष्ट्रपति कोविन्द ने कहा कि सभी वर्गों और सभी समुदायों को समुचित स्थान देने वाले राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए, हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जिसमें हर बेटी-बेटे की विशेषता, क्षमता और प्रतिभा की पहचान हो, और उसके विकास के लिए हर तरह की सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध हों. हमारे महान गणतंत्र ने एक लंबी यात्रा तय की है. लेकिन अभी हमें बहुत आगे जाना है. खासकर, हमारे जो भाई-बहन विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं, उन सबको साथ लेकर हमें आगे बढ़ना है. 21वीं सदी के लिए, हमें अपने लक्ष्यों और उपलब्धियों के नए मानदंड निर्धारित करने हैं.

President Ram Nath Kovind:This Independence Day is important for us in a special way. On Oct 2, we’ll celebrate 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi. Not only for India, but this anniversary is also an opportunity for entire world to understand,adopt&implement his principles
— ANI (@ANI) January 25, 2019

राष्ट्रपति कोविन्द ने कहा किभारत की बहुलता, हमारी सबसे बड़ी ताकत है. हमारी डाइवर्सिटी, डेमोक्रेसी और डेवलपमेंट, पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल है. देश के संसाधनों पर हम सभी का बराबर का हक है, चाहे हम किसी भी समूह के हों, किसी भी समुदाय के हों, या किसी भी क्षेत्र के हों. हमारी बेटियाँ, शिक्षा, कला, चिकित्सा और खेल-कूद के अलावा, हमारी तीनों सेनाओं और रक्षा विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी अपनी विशेष पहचान बना रही हैं. उच्च शिक्षण संस्थानों में, पदक पाने वाले विद्यार्थियों में, प्रायः बेटियों की संख्या बेटों से अधिक होती है.

President Ram Nath Kovind:This yr, citizens of India will get a chance to fulfil an important responsibility.All of us have to use our voting rights in coming General elections for 17th Lok Sabha.This election will be special as 21st century born voters will vote for the 1st time pic.twitter.com/K1Xq1TZWm2
— ANI (@ANI) January 25, 2019

राष्ट्रपति कोविन्द ने कहा कि आज विश्व-पटल पर भारत के योगदान की सराहना होती है और पूरे विश्व में, हमारे देश को विशेष सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है. लोकतांत्रिक लक्ष्यों को लोकतांत्रिक माध्यमों से, समावेशी लक्ष्यों को समावेशी साधनों से, करुणा और संवेदना से जुड़े लक्ष्यों को करुणा और संवेदना के जरिए तथा संवैधानिक लक्ष्यों को संविधान सम्मत साधनों से प्राप्त करना ही, हमारे गणतन्त्र की मूल आस्था है. हम सब अपने गणतन्त्र की यात्रा में, तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. मुझे विश्वास है कि संवैधानिक आदर्शों के वाहक के रूप में आगे बढ़ते हुए, हम भारत के लोग, अपने गणतन्त्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने में निश्चित रूप से सफल होंगे.

President Ram Nath Kovind: Apart from education, art, medicines & sports, our daughters are now creating an identity for themselves in the three Armed Forces as well. In topmost educational institutes, often there are more daughters than sons among medal-winning students pic.twitter.com/045Y2qe0Fu
— ANI (@ANI) January 25, 2019

राष्ट्रपति कोविन्द ने कहा कि हमारी संस्कृति, परम्परा और जीवन-आदर्शों में लोक-सेवा का बहुत अधिक महत्व है. हम सबके हृदय में, उन व्यक्तियों और संस्थाओं के प्रति सदैव सम्मान का भाव रहा है, जो अपने सामान्य कर्तव्यों की सीमाओं से ऊपर उठकर लोक-सेवा के लिए समर्पित रहते हैं. हमारी यही सोच, संयुक्त राष्ट्र के शांति-मिशनों में, जलवायु परिवर्तन के मामले में, मानवीय सहयोग प्रदान करने में, या फिर प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत पहुंचाने में भी दिखाई देती है. आज विश्व-पटल पर भारत के योगदान की सराहना होती है और पूरे विश्व में, हमारे देश को विशेष सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है.
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Source: HW News

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