आप भी हैं गले की खराश से परेशान तो आजमाएं ये घरेलू नुस्खे, मिलेगा तुरंत आराम

Publish Date:Mon, 14 Jan 2019 03:26 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम व गले में खराश होना एक आम बात है। सर्दी-जुकाम होने से पहले आपके गले में दर्द व खराश जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इस लेख में जानें गले में खराश को दूर करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे। लंबे समय तक गले में खराश होना काफी तकलीफदेह हो जाता है साथ ही यह आपके गले को भी जाम कर देता है। गले मे होने वाली खराश अन्य बीमारियों की तरह लंबे समय तक नही रहती लेकिन कुछ ही दिनों में यह आपको पूरी तरह से प्रभावित कर बीमार कर देती हैं।

क्या है गले की खराश
गले में खराश एक बहुत ही सामान्य श्वसन समस्या है। यह मूल रूप से तब होती है जब गले की नाजुक अंदरूनी परत वायरस/ बैक्टीरिया से संक्रमित होती है, जिसके परिणामस्वरूप सूजन, स्राव खांसी और शरीर के सामान्य संक्रमण के प्रभाव के लक्षण होते हैं। कभी-कभी लंबे समय तक गले में रहने वाली खराश किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और पूरी चिकित्सा लें।

आमतौर पर गले की खराश का कारण वायरल होता है और यह कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन यह जितने दिन रहता है काफी कष्ट देता है। जानिए गले की खराश को दूर करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में-

हर 2 घंटे गर्म पानी में नमक डालकार गरारा करें क्योंकि गर्म पानी और नमक गले में ठंडक देते हें, एंटीसेप्टिक होने के नाते यह संक्रमण को कम करने में मदद करता है।
रात को सोते समय दूध और आधा पानी मिलाकर पिएं।
रूखा भोजन, सुपारी, खटाई, मछली, उड़द इन चीजों से परहेज करें।
1 कप पानी में 4-5 कालीमिर्च एवं तुलसी की 5 पत्तियों को उबालकर काढ़ा बना लें और इसे धीरे-धीरे चुसकी लेकर पिएं।
ज्यादा तैलीय व मैदे से बनी चीजों का सेवन करने से बचें।
गले में खराश होने पर जब भी प्यास लगें तो गुनगुना पानी ही पिएं।
कालीमिर्च को 2 बादाम के साथ पीसकर सेवन करने से गले के रोग दूर हो सकते हैं।
शरीर में टॉक्सिन की मौजूदगी गले की खराश को और बढ़ा देती है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें, ताकि टॉक्सिन शरीर से बाहर निकल सकें।
अदरक की चाय भी गले की खराश में बहुत लाभदायक है।
दो-तीन लौंग के साथ एक-दो लहसुन की कलियों को पीस कर पेस्ट बना लें इसमें थोड़ा सा शहद मिला लें। इस मिश्रण को दिन में दो या तीन बार लें।
दूध में थोड़ी सी हल्दी डालकर इसे उबाल लें और बिस्तर पर जाने से पहले इसे पीएं। 

Posted By: Sanjay Pokhriyal

Source: Jagran.com

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