केरल में एक और ‘सबरीमाला’ दोहराने की तैयारी में महिला,शुरू की अगस्त्यार्कूदम की चढ़ाई

Publish Date:Mon, 14 Jan 2019 05:30 PM (IST)

तिरुवनंतपुरम, पीटीआई। केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के बाद राज्य में एक और लैंगिक भेदभाव को तोड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक महिला ने केरल की दूसरी सबसे ऊंची अगस्त्यार्कुदम चोटी की चढ़ाई शुरू कर दी है। हाल ही में हाईकोर्ट ने इस चोटी पर महिलाओं के पर्वतारोहण पर प्रतिबंध हटा दिया था। जिसके बाद के धन्या सानल नाम की महिला ने अन्य पुरुष पर्वतारोहियों के साथ बोनाकाउड से पारंपरिक जंगल के रास्ते से पर्वतारोहण की शुरुआत की है।  
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इस जानकारी भी दी है। प्रवक्ता ने बताया कि धन्या उन 100 पर्वतारोहियों में पहली महिला हैं जिन्होंने 1,868 मीटर ऊंची इस चोटी की चढ़ाई शुरू की है। हालांकि धान्‍या का कहना है कि वे सिर्फ पहाड़ की ट्रैकिंग के लिए जा रही हैं। वह आदिवासियों की भावनाओं का सम्‍मान करती हैं और वह अगस्‍त ऋषि की समाधि पर नहीं जाएंगी। धन्या ने यह भी बताया कि यह यात्रा जंगल को और अधिक समझने और अन्य लोगों के साथ इसका अनुभव साझा करने के लिए है।

केरल हाईकोर्ट ने दी थी अनुमतिनय्यर वन्य जीव अभयारण्य में स्थित अगस्त्यार्कूदम चोटी पर किसी महिला को जाने की इजाजत नहीं थी। जिसके बाद बीते नवंबर को हाईकोर्ट ने महिला प्रवतारोहियों को भी इस पर चढ़ाई की अनुमति दी। 
कानी जनजाति महिलाओं का विरोधकानी जनजाति महिलाएं जो इसी चोटी पर रहते हैं, उन्होंने यहां महिलाओं का विरोध किया है। इन महिलाओं के हाईकोर्ट के आदेश के बाद विरोध प्रदर्शन भी किया था, हालांकि उन्होंने किसी महिला को रोका नहीं था। जनजाति के अनुसार यह पर्वत उनके देवता अगस्त्य मुनि का निवास स्थल है। हिंदू धार्मिक कथा के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अगस्त्य मुनि इस समुदाय के संरक्षक हैं। 

आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनन त्रिवेणी कहते हैं, ‘अगस्त्या चोटी की रीति-रिवाजों को तोड़ने पर  हमने अपने दर्द और गुस्से को जाहिर करने के लिए प्रदर्शन किया। हमने किसी भी पर्वतारोही को चेक करने की कोशिश भी नहीं की.. क्योंकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं।’
Posted By: Manish Negi

Source: Jagran.com

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