प्रेगनेंट दीदी की मदद करने आई तो हुआ जीजा के साथ अफेयर, जो कत्ल तक पहुंचा

‘..लेकिन मामला राहज़नी का लगना चाहिए, समझे?’ फोन पर जवाब मिला – ‘ठीक है. कत्ल हो जाएगा, तुम टाइम पर पहुंचना.’ इतना कहकर फोन काट दिया गया. इधर, सुपारी देने वाले को तसल्ली हुई और वह आगे के प्लैन पर सोचने लगा. उधर, सुपारी लेने वालों के इरादे कुछ और थे. ‘फोटो देख, है ना काम की चीज़?’ बात कत्ल की थी तो गैंग रेप तक कैसे पहुंची? शौहर ने बीवी की सुपारी क्यों दी?READ: बॉयफ्रेंड के धोखे में किसी और के साथ SEXनरेश और सुमन की शादी को साल हो चुका था और सुमन गर्भवती थी. दोनों बिहार के रहने वाले थे लेकिन नरेश की नौकरी के कारण धनबाद में रह रहे थे. यह खुशखबरी फोन के ज़रिये दोनों के रिश्तेदारों तक फैल गई. कुछ समय बाद गर्भवती सुमन का खयाल रखने के लिए उसकी करीबी कज़िन खुशबू उसके घर पहुंची. खुशबू उस वक्त गया के एक कॉलेज से सेकंड इयर की पढ़ाई कर रही थी.READ: सास-दामाद के अफेयर की कहानीअब आलम यह था कि सुमन गर्भवती थी और आराम या घर के छुटपुट काम करती थी. नरेश दफ्तर जाता और जब घर आता तो खुशमिज़ाज और चुलबुली खुशबू उसकी देखभाल करती. देखते ही देखते जीजा और साली की छेड़खानी नज़दीकियों में बदलने लगी. नरेश और सुमन के बीच रोमांस वैसे ही कम हो चुका था और फिर खुशबू की चंचलता और कमउम्र सुंदरता नरेश के लिए अपने आप में एक आकर्षण था.खुशबू के लिए नरेश का व्यक्तित्व और उसकी अच्छी कमाई आकर्षण थे. खुशबू को महंगे तोहफे, अच्छी जगह खाने-पीने की ट्रीट देने के बाद नरेश ने बातों बातों में यह भी जता दिया था कि वह उसके निम्न मध्यम वर्गीय परिवार की ज़रूरतें भी कुछ रकम देकर पूरी कर सकता था. खुशबू और नरेश जल्द ही एक रोमैंटिक रिलेशनशिप में आ गए और शुरूआत में सुमन को इस बात की खबर नहीं हुई. सुमन से नज़र बचाकर दोनों अंतरंग रिश्ता बनाते थे.Loading… जब अफेयर का खुलासा हुआ…जब कोई आदमी किसी लड़की के साथ हमबिस्तर होता है, तो देर-सवेर उसकी बीवी भांप ही जाती है. यही हुआ, ज़्यादा दिन बात छुपी नहीं और सुमन को जब पता चला तो उसकी गोद में एक नन्हा सा बच्चा था. सुमन ने पहले तो छोटी बहन खुशबू की खबर ली और फौरन उसके वहां से जाने का इंतज़ाम करवाया. अब सुमन ने नरेश को खरी खोटी सुनाई और उसकी आशिकी का भूत उतारा.सुमन : शर्म नहीं आती तुम्हें? कुछ महीनों की बात थी, सब्र नहीं कर सकते थे?नरेश : तुम्हें क्या लगता है कि बात सिर्फ बिस्तर तक की है? प्यार भी तो कोई चीज़ होती है.सुमन : अच्छा! मतलब प्यार तुम्हें उससे है, मेरे साथ ही सिर्फ बिस्तर तक की बात है?नरेश : देखो, तुम बात को कहीं और ले जा रही हो, मैं तो…दोनों के बीच ज़बरदस्त झगड़ा हुआ और झगड़ा दोनों के बीच एक आदत बन गया. दिन, महीने और साल बीतते गए लेकिन न मियां-बीवी का झगड़ा खत्म हुआ और न जीजा-साली का अफेयर. इस झगड़े के कारण बात खुशबू के घर वालों और नरेश के घर वालों तक पहुंच चुकी थी. खुशबू पर कई किस्म के दबाव बनने लगे थे.’इस लड़की के हाथ पीले कर दो. जो, जहां, जैसा लड़का और घर मिले, छुट्टी करो, वरना पता नहीं और क्या गुल खिलाएगी ये कमबख़्त लड़की…’ आए-दिन खुशबू के घर में कोई न कोई बड़ा बुज़ुर्ग ऐसी बात करता और खुशबू की तरफ ऐसी नज़रों से देखता, जैसे उसने बहुत बड़ा पाप कर दिया हो. तंग आकर खुशबू ने एक दिन फोन किया और नरेश के साथ हर संबंध खत्म करने की कोशिश की.जीजा ने की सुसाइड की कोशिश तो फिर हुआ पैचअपखुशबू : आप समझो ना प्लीज़, मुझसे गलती हो गई थी. अब और नहीं सहा जाता. अब आप मुझे न तो कभी फोन करोगे, न मिलोगे. सब खत्म कर दो. भूल जाओ सब कुछ.नरेश : तुम भूल सकती हो, मैं नहीं. कुछ खत्म नहीं होगा. और, मैं तुम्हें भी कुछ भूलने नहीं दूंगा. तुम यकीन करो, मैं कोई न कोई रास्ता निकाल लूंगा. बस कुछ वक्त और, फिर सब ठीक हो जाएगा.खुशबू : नहीं, कुछ नहीं करोगे आप. मैंने कह दिया ना, सब खत्म. मुझे अब और आगे नहीं बढ़ना इस रास्ते पर…फिर नरेश ने खुशबू को खुदकुशी करने की धमकी दी और उसने सच में नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश भी की. अस्ल में, नरेश ने केवल यही साबित करना चाहा था कि वह खुशबू से कितना प्यार करता था. ब्रेक अप कर चुकी खुशबू तक यह खबर पहुंची तो फिर वह नरेश के प्यार में पहले की तरह पड़ गई. अब दोनों चोरी-छुपे मिलते तो बात यही होती कि ऐसा कब तक और कैसे चलेगा? ‘किसी दिन मेरी शादी किसी और से कर दी जाएगी, फिर क्या होगा?’इस रिश्ते को कहीं पहुंचाने का मतलब था कि नरेश और खुशबू शादी कर लें. लेकिन, अब सवाल यह था कि सुमन के होते हुए नरेश शादी कैसे कर सकता था. हर तरह से सोचने के बाद नरेश ने खुशबू के साथ मिलकर तय किया कि वह सुमन को रास्ते से हटा देगा और फिर खुशबू से शादी करेगा. पहले तो खुशबू सन्न रह गई लेकिन फिर उसे इस साज़िश का हिस्सा बनना ही था क्योंकि नरेश के बातों से लग रहा था कि फुलप्रूफ प्लैन उसके पास था.खुशबू : लेकिन, ये सब होगा कैसे?नरेश : तुम फिक्र मत करो. मैं इंश्योरेंस कंपनी के साथ ही पैसे ब्याज पर देने का काम करता हूं और कई ऐसे लोगों को जानता हूं जिन्हें काले पैसे सफेद करने होते हैं. इसलिए कई तरह के लोगों के साथ संबंध हैं मेरे. मैं सालों से उनका काम कर रहा हूं, उन्हें पैसे देता हूं, तो क्या वो मेरे लिए एक काम नहीं करेंगे! और, तुम देखना, किसी को कुछ पता नहीं चलेगा क्योंकि ये एक्सीडेंट लगेगा.साल 2011 में, नरेश और खुशबू के अफेयर को भी दो-ढाई साल से ज़्यादा का वक्त हो चुका था और अब सुमन के खिलाफ पूरा प्लैन तैयार था. सुमन की मौसी के यहां एक कार्यक्रम था इसलिए सुमन और नरेश जमुई में थे. नरेश ने जिन लोगों को सुपारी दी थी, वो थे तो धनबाद में ही लेकिन जमुई के आसपास के इलाके में कत्ल को अंजाम देना चाहते थे क्योंंकि वो उनका जाना-पहचाना इलाका था.अनजाने में ऐसे टली कत्ल की पहली साज़िशसब कुछ फिक्स था और इसी बीच नरेश गया जाना चाहता था क्योंकि 29 जनवरी को उसका बर्थडे था. गया जाने के रास्ते में ही काम को अंजाम दिया जाना था. ‘मैं आ रहा हूं तुम्हारा बर्थडे मनाने और तोहफे में एक खुशखबरी दूंगा कि हमारे रास्ते का कांटा निकल गया..’ लेकिन, होनी को कुछ और ही मंज़ूर था. प्लैन बनाने के बावजूद सुमन को मौसी और उसके रिश्तेदारों ने लाड़-प्यार जताकर और रोक लिया तो उस दिन दोनों निकल ही नहीं पाए. अगले दिन जाने का कार्यक्रम बन गया.उधर, 29 जनवरी को तय होने की वजह से सुपारी किलर्स तैयार थे और उन्होंने नरेश की कार समझकर किसी और कार को निशाना बनाया. लेकिन, जमुई-गया रोड पर उस दिन पुलिस का काफी बंदोबस्त था इसलिए वो लोग हत्या नहीं कर पाए. साथ ही, उन्हें जो फोटो मिला था, कार में बैठी औरत की शक्ल उससे काफी अलग भी लग रही थी. बाद में नरेश से कॉंटैक्ट हुआ तो किलर्स को पता चला कि उन्होंने गलती कर दी. नरेश और किलर के बीच काफी कहा-सुनी भी हो गई.एक साल बाद सुपारी किलिंग का दूसरा प्लॉटफिर नरेश को नये सिरे से सुमन की हत्या की सुपारी देने और सब बंदोबस्त करने में काफी वक्त लग गया. साल 2012 में, आखिरकार सब कुछ दोबारा फिक्स हुआ. इस बार नरेश कार से सुमन और अपने साले राजेश को लेकर राजगीर से जमुई के लिए निकला. नरेश जगह-जगह कार रोक रहा था और उतरकर फोन पर बात कर रहा था. दो-चार बार के बाद सुमन और राजेश दोनों ने उसे टोका तो उसने नेटवर्क और ड्राइविंग के साथ फोन अटेंड न करने जैसे बहाने बनाए.रास्ते में 8-10 बार नरेश के कार रोकने के बाद आखिरकार एक हमला हुआ. 2 हथियारबंद लुटेरों ने कार पर हमला बोला. राजेश पर कट्टा अड़ा गया दिया और पीछे की सीट पर बैठकर एक आदमी ने सुमन और राजेश की बीवी को बंदूक के निशाने पर ले लिया. अब नरेश से गाड़ी चलाने को कहा गया. नरेश ने उनके इशारे पर गाड़ी चलाई और गाड़ी में लूटपाट चलती रही. फिर एक पॉइंट पर जाकर गाड़ी रोकने को कहा गया.लुटेरों के कहने पर गाड़ी रुकी तो और सुमन को गाड़ी से उतार लिया गया और थोड़ी बहुत झड़प के बाद लुटेरों ने सबको कार में बैठकर जाने को कह दिया गया. राजेश और राजेश के पीछे-पीछे नरेश उन लुटेरों को समझाने और सुमन को छोड़ देने की गुहार लगाते रहे. आखिरकार, लुटेरों की धमकियों के चलते बाकी तीनों को कार लेकर वहां से जाना ही पड़ा.इधर, ये तीनों नज़दीकी पुलिस स्टेशन पहुंच रहे थे और उधर, लुटेरे अपना खेल खेल रहे थे. उन्हें सुमन को कत्ल करने के लिए सुपारी दी गई थी, लेकिन पहले उन लुटेरों ने सुमन के साथ बारी-बारी बलात्कार किया और फिर उसे मौत के घाट उतारा. पुलिस ने इस केस में जांच शुरू की तो राजेश के बयान ने शक पैदा किया क्योंकि राजेश ने कहा कि एक तो, नरेश बार-बार कार रोक रहा था और दूसरी बात यह कि नरेश खुद हट्टा-कट्टा आदमी था और वह चाहता तो लुटेरों पर काबू पा सकता था.पुलिस ने फोन रिकॉर्ड से कुछ जानकारी जुटाई और नरेश से सख्ती से पूछताछ की तो सच सामने आ गया कि नरेश ने खुशबू के साथ अफेयर के चलते पूरी साज़िश रची और सुमन की हत्या करवा दी. यह भी खुलासा हुआ कि खुशबू इस पूरी साज़िश में शामिल थी.(सच्ची घटनाओं और खबरों पर आधारित लव सेक्स और धोखे की इस कहानी में किरदारों के नाम वास्तविक हैं.)एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्सअपराध की और कहानियों के लिए क्लिक करेंछोटी बच्चियां थीं शिकार, भंडारे थे शिकारगाह और उसकी एक लकी T-Shirt थी!OMG! उसे लगा कि बॉयफ्रेंड था, SEX के बाद देखा कि बेड पर कोई और था!बरसों से था राम रहीम और रामचंद्र का टकराव, फिर एक चिट्ठी खुली और 4 गोलियां चलींPHOTO GALLERY : Instagram से शुरू हुआ रिश्ता, Whatsapp पर ब्रेक-अप, फिर एक मौत!
Source: News18 News

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