Weather Update: दिल्ली समेत उत्तर भारत में घना कोहरा, दो दिन बाद फिर बढ़ेगी ठंड

Publish Date:Thu, 03 Jan 2019 09:02 AM (IST)

नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली-एनसीआर में ठंड से थोड़ी राहत मिली है तो बृहस्पतिवार भोर से कोहरे की सफेद चादर से पूरा दिल्ली-एनसीआर लिपटा हुआ है। वहीं, 5-6 दिसंबर को बारिश के आसार हैं और पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से दिल्ली में फिर ठंड लौटेगी और पारा तेजी से नीचे आएगा। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर बृहस्पतिवार की सुबह घना कोहरा लेकर आई। दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और सोनीपत में जबरदस्त कोहरा छाया हुआ है।  आलम यह है कि वाहन चालक फॉग लाइट जलाकर बेहद धीमे गति से चल रहे हैं। 
गुरुग्राम के ज्यादातर इलाकों में बृहस्पतिवार सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। पहली बार इतना घना कोहरा छाने से वाहन चालकों की मुश्किल बढ़ गई है। दृश्यता कम होने से ट्रैफिक प्रभावित है। कम दृश्यता के चलते लोगों को फॉग लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है। 
वहीं, नोएडा में जहां बढ़ती ठंड के बाद प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ रही थी, वहीं बृहस्पतिवार सुबह कोहरे ने भी परेशान किया। घने कोहरे के चलते वाहन चालकों का ज्यादा परेशानी पेश आई। इससे पहले बुधवार को भी नोएडा में प्रदूषण का स्तर गंभीर रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में लगे यूपी प्रदूषक नियंत्रण यंत्र के मुताबिक नोएडा में शाम सात बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 420 दर्ज किया गया। जो कि गंभीर श्रेणी में है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मौसम संबंधी परिस्थितियों के प्रतिकूल होने के कारण आगामी दो दिन प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रह सकता है।
बता दें कि बुधवार को भी दिल्ली के साथ उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा में धूप निकलने के बावजूद कंपकंपी वाली ठंड बरकरार है। जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत राज्य के कई हिस्सों में बुधवार ठिठुरन बरकरार रही, वहीं कई हिस्सों में पाला भी पड़ा है।  मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्से जहां शीतलहर की चपेट में है, वहीं पाला भी पड़ा है। 

दिल्ली-समेत उत्तर भारत छाया कोहरा, ट्रेनें चल रहीं देरी से
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में बृहस्पतिवार सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है। इसका असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ रहा है। दिल्ली पहुंचने वाली 12 से ज्यादातर ट्रेनें देरी से चल रही हैं। वहीं, कुछ ट्रेनों का समय बदला गया है और कुछ को तो कैंसिल कर दिया गया है। बता दें कि भारतीय रेलवे पहले ही कोहरे के मद्देनजर 22 ट्रेनों को दो महीने के लिए रद कर चुका है। 

इससे पहले ठिठुरन भरी ठंड और शीत लहर से जूझ रहे दिल्ली वासियों ने बुधवार को राहत की सांस ली। तापमान में वृद्धि से राहत का यह दौर अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, सप्ताहांत होने वाली बारिश से सर्दी दोबारा वापसी करेगी। बताया गया है कि 5-6 जून को दिल्ली-एनसीआर में बारिश की प्रबल संभावना है। 
इससे पहले बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि सामान्य से चार डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा जो सामान्य से महज एक डिग्री कम है। नमी का स्तर अधिकतम 100 जबकि न्यूनतम 50 फीसद रहा।

स्काईमेट के अनुसार, शनिवार और रविवार को दिल्ली एनसीआर में कम बारिश की संभावना बन रही है। हालांकि यह बारिश कम तीव्रता वाली होगी, लेकिन इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी। इस कारण ठंड फिर से लौटेगी, साथ ही कोहरा भी देखने को मिलेगा। मालूम हो कि जनवरी में सामान्य तौर पर 19.3 एमएम बारिश होती है। 
यूपी-बिहार से आने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा लेट

उत्तर भारत के बड़े राज्यों यूपी और बिहार में भी ऐसा ही कुछ मौसम देखने को मिल रहा है। दोनों ही प्रदेशों में ठंड और कोहरे का असर कायम है। इससे सर्वाधिक प्रभावित ट्रेनें हो रही हैं।
जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर सहित कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में घना कोहरा है और दृश्यता कम होने से सड़कों पर वाहन चालकों को परेशानी हुई। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री नीचे दर्ज किया गया जबकि लद्दाख क्षेत्र का लेह शहर राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। 

वहीं, देश की राजधानी में दिल्लीवासियों को बुधवार सुबह घने कोहरे का सामना करना पड़ा था और न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज पर किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री के बीच रहेगा। 6 व 7 जनवरी को अधिकतम तापमान में गिरावट होगी, जबकि न्यूनतम तापमान 7 व 8 डिग्री तक पहुंच जाएगा। विभाग ने 5 व 6 जनवरी को हल्की बारिश होने की भविष्यवाणी की है।
सुबह की सैर से कर लें तौबा हो सकते हैं बीमारढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों ने सुबह की सैर करना बंद कर दिया है। वहीं चिकित्सक भी सलाह दे रहे हैं कि सुबह की सैर से बेहतर है कि दोपहर में सैर करें। उनकी राय है कि सूरज निकलने के दौरान धूप निकलने के बाद वायुमंडल में प्रदूषण के कण थोड़े कम हो जाते हैं जो सीधे तौर पर सांस लेने में परेशानी में फेफड़ों को तकलीफ भी नहीं पहुंचाते हैं।

फिजिशियन डा. दीपक का कहना है कि बुजुर्ग लोगों को और बच्चों को खासतौर पर सुबह की सैर नहीं करनी चाहिए। सुबह पीएम-2.5 की मात्रा अधिक होती है जो सीधे श्वसन क्रिया पर असर डालती है, ऐसा करना काफी घातक भी हो सकता है। वहीं सुबह के समय न्यूनतम तापमान भी कम रहता है जो सेहत के लिए हानिकारक होता है। वसुंधरा रहने वाले संदीप का कहना है कि बीते कई दिनों से सुबह पार्क में सैर करने वालों की संख्या में बढ़ते प्रदूषण और सर्दी बढ़ने से संख्या कम हो रही है।
Posted By: JP Yadav

Source: Jagran.com

Related posts

Leave a Comment