मेघालय :खनिकों के बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट,  मेघालय में अवैध कोयला खदान में फंसे 15 खनिकों को निकालने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग संबंधी याचिका पर गुरूवार को सुनवाई करने पर सहमत हो गया. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष बुधवार को इस मामले का तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हुये उल्लेख किया गया.पीठ इस पर गुरूवार को सुनवाई के लिये राजी हो गयी. एडवोकेट आदित्य एन प्रसाद ने इस जनहित याचिका में खनन में बचाव अभियानों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के लिए केंद्र एवं संबंधित प्राधिकारियों को निर्देश देने का भी अनुरोध किया है.एडवोकेट आस्था शर्मा के माध्यम से दायर याचिका में केन्द्र और राज्य को भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों की तकनीकी शाखाओं की सेवाओं का उपयोग करने का निर्देश देने का अनुरोध भी किया गया है. खनिक 13 दिसंबर को एक खदान में नजदीकी लैतिन नदी का पानी भर जाने के बाद से अंदर फंसे हैं. ‘रैट होल’ (चूहे का बिल) कही जाने वाली यह खदान पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में पूरी तरह से पेड़ों से ढकी एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है.यह भी पढ़ें:  मेघालय: टूट रही है 15 जिंदगियों की आस!  ‘रैट होल’ खनन के तहत संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं जो आमतौर पर तीन-चार फुट ऊंची होती हैं. खनिक इनमें घुसकर कोयला निकालते है. याचिका में केन्द्र और राज्य सरकार को किर्लोस्कर ब्रदर्स लि सहित अन्य के पास उपलब्ध उच्च क्षमता वाले पंपों की मदद लेने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. किर्लोस्कर ने जून-जुलाई 2018 में रायल थाई सरकार को इन पंप की पेशकश की थी.राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने मीडिया में आईं उन खबरों का खंडन किया था जिनमें उसके हवाले से कहा गया था कि खदान के भीतर से आ रही दुर्गंध के कारण यह आशंका जताई जा रही है कि वहां फंसे खनिकों की मौत हो चुकी है.यह भी पढ़ें:खदान में नहीं घुस पा रहे गोताखोर, परिजनों ने कहा- ‘लाश ही ला दो’Loading… उसने कहा था कि यह दुर्गंध खदान में गंदे पानी की वजह से भी हो सकती है क्योंकि पंपिंग की प्रक्रिया 48 घंटे से अधिक समय तक रुकी रही थी. दुर्घटना में बचे एक जीवित ने शनिवार को बताया कि फंसे खनिकों के जीवित बाहर आने का कोई रास्ता नहीं है. खदान में फंसे कम से कम सात खनिकों के परिजन उनके जीवित निकलने की आस पहले ही छोड़ चुके हैं और उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि अंतिम संस्कार के लिए उनके शव बाहर निकाले जाएं.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Source: News18 News

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