पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, टैक्स बचत के साथ पाएं बेहतर ब्याज

Publish Date:Thu, 03 Jan 2019 08:50 AM (IST)

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस) उन नौ प्रमुख बचत योजनाओं में शुमार है जो कि पोस्ट ऑफिस की ओर से पेश की जाती हैं। यह एक खास तरह का निवेश विकल्प माना जाता है जो कि एक सफल रिटायरमेंट लाइफ के लिए वेल्थ जेनरेट करने में मददगार है।
पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 5 वर्ष का है, जिसमें अगले तीन वर्षों का विस्तार दिया जा सकता है। हालांकि यह मैच्योरिटी के एक वर्ष बाकी रह जाने से पहले करना होता है। यह जानकारी इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज है। इंडिया पोस्ट डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट के अंतर्गत 1.5 लाख पोस्ट ऑफिसेज के जरिए देशभर में अपनी सेवाएं दे रहा है।
जानिए इंडिया पोस्ट की सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम से जुड़ी अहम बातें:
योग्यता: 60 वर्ष या फिर इससे अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति इस खाते को खुलवाने की योग्यता रखता है। वहीं 55 वर्ष से अधिक या 60 वर्ष से कम उम्र के ऐसे लोग जो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले चुके हैं वो भी सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में अपना खाता खुलवा सकते हैं।

ब्याज दर: इंडिया पोस्ट के सीनियर सिटिजन सेविंग अकाउंट में वर्तमान समय में 8.7 फीसद की दर से ब्याज दिया जा रहा है। इस खाते पर ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के कार्यकारी दिनों में किया जाता है।
कितना कर सकते हैं निवेश/ योगदान: पोस्ट ऑफिस के सीनियर सिटिजन सेविंग अकाउंट में कोई भी 1000 के गुणकों में निवेश कर सकता है जो कि 15 लाख से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। यह जानकारी इंडिया पोस्ट पर उपलब्ध है। एक ही पोस्ट ऑफिस में कितने भी सीनियर सिटिजन सेविंग अकाउंट खुलवाए जा सकते हैं हालांकि उन सब में निवेश की सीमा 15 लाख से ज्यादा की नहीं होनी चाहिए।

टैक्स बेनिफिट: वहीं अगर इस खाते में जमा राशि पर मिलने वाला सालाना ब्याज 10,000 रुपये से ऊपर होता है तो उस पर टीडीएस भी काटा जाता है। इस स्कीम में किया जाने वाला निवेश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के अंतर्गत कर छूट के दायरे में आता है।
मैच्योरिटी पूर्व निकासी: सीनियर सिटिजन सेविंग अकाउंट को संचालन के एक साल के बाद प्रीमैच्योर क्लोजर की अनुमति मिलती है, हालांकि इस पर पेनल्टी देनी होती है। एक वर्ष के बाद खाता बंद करवाने पर जमा राशि का 1.5 फीसद और दो वर्ष बाद बंद करवाने पर जमा राशि की 1 फीसद पेनल्टी देनी होती है।

Posted By: Praveen Dwivedi

Source: jagran.com

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