कांग्रेस ही नहीं अकाली से भी निपटने पंजाब जा रहे हैं मोदी!

पीएम नरेंद्र मोदी गुरूवार को अपने एक दिवसीय दौरे के तहत पंजाब में रहेंगे. मोदी यहां लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में इंडियन साइंस कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे और जालंधर में ही छात्रों द्वारा बनाई गई ड्राइवरलेस सोलर बस की भी सवारी करने वाले हैं. हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘हिंदी हार्टलैंड’ में मिली हार के बाद मोदी पंजाब की रैली के जरिए 2019 लोकसभा चुनावों के लिए खुद मोर्चा संभालने की शुरुआत करने जा रहे हैं. पंजाब में बीजेपी का शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के साथ गठबंधन है और कांग्रेस की सरकार है, हालांकि मोदी आज की रैली के जरिए कांग्रेस ही नहीं बल्कि अकाली को भी एक संदेश देंगे.मजबूत बीजेपी और कमज़ोर अकाली!पंजाब उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जिसमें 2014 लोकसभा चुनावों और 2017 विधानसभा चुनावों में बीजेपी-अकाली का प्रदर्शन काफी खराब रहा था. जानकारों के मुताबिक बीजेपी नेतृत्व ने पीएम मोदी की पहली रैली के लिए पंजाब के गुरदासपुर शहर को काफी सोच समझकर चुना है. सिख बहुल इलाके से रैली की शुरुआत कर बीजेपी अकाली को संदेश देना चाहती है कि अब उनकी ताकत राज्य में पहले जैसी नहीं रहे है और बीजेपी मजबूत हो रही है. इस रैली के जरिए बीजेपी सीट बंटवारे से पहले अकाली पर दबाव बनाना चाहती है. बीते कई लोकसभा चुआवों से पंजाब में अकाली 10 सीटों पर और बीजेपी 3 सीटों पर चुनाव लड़ती है. लेकिन इस चुनाव में बीजेपी अकाली पर ज्यादा सीटें देने का दबाव बना सकती है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को लगता है कि पंजाब में इस बार बीजेपी 3 के बजाय 5 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी में है.अकाली मुश्किल मेंपंजाब में शिरोमणि अकाली दल के दोफाड़ हो जाने से मुश्किलें और बढ़ती नज़र आ रही हैं. अकाली दल से अलग होकर बना नया अकाली दल (टकसाली) बीजेपी के लिए मुसीबत साबित हो सकता है. इसके अलावा बेअदबी की घटनाओं के अलावा बहिबलकलां और कोटकपूरा में पुलिस फायरिंग के मामलों में अकाली दल पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. हालांकि इस नए अकाली का असर उस इलाके में है जहां बीजेपी को मजबूत माना जाता है.पंजाब के माझा और दोआबा इलाके में बीजेपी होशियारपुर, अमृतसर और तरनतारन जिले की लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करती रही है. विधानसभा चुनाव में भी अकाली दल के साथ सीट बंटवारे में बीजेपी के खाते में ज्यादातर सीटें माझा-दोआबा की रही हैं। फिलहाल होशियारपुर लोकसभा सीट ही इस समय बीजेपी के पास है और विजय सांपला सांसद हैं. नए अकाली दल से बीजेपी को नज़र आते नुक्सान की भरपाई भी अकाली को ही करनी होगी और इस बार वो अकाली के मजबूत इलाकों की सीटों पर भी दावेदारी जताने की स्थिति में है.कांग्रेस रहेगी निशाने परLoading… माना जा रहा है कि मोदी 2019 के नज़रिए से गुरदासपुर के पुडा ग्राउंड में लोगों को संबोधित करेंगे. इन रैलियों में पीएम मोदी 1984 सिख दंगे का जिक्र कर सकते हैं. पीएम सिख समुदाय को ये संदेश देने की कोशिश करेंगे केंद्र सरकार की सक्रियता की वजह से ही आज कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार कड़ी सजा मिली और वो सलाखों के पीछे पहुंचे. बता दें कि गुरदासपुर सिखों का गढ़ है और हाल में सज्जन कुमार को मिली सजा के बाद वहां खुशियां मनाई गई थीं, बीजेपी इसका भी फायदा उठाना चाहती है.पीएम मोदी सिख समुदाय को समझाने की कोशिश करेंगे उनकी असली हमदर्द बीजेपी है और कांग्रेस तो कभी 84 मामले को लेकर गंभीर थी ही नहीं. आज अगर बीजेपी सत्ता में नहीं होती तो सिख समुदाय को 84 मामले में इंसाफ नहीं मिल पाता.बता दें कि इस रैली को पंजाब बीजेपी ने ‘प्रधानमंत्री धन्यवाद रैली’ का नाम दिया है. इस रैली के माध्यम से बीजेपी और अकाली दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करतारपुर कॉरिडोर खुलवाने, लंगर से GST हटाने और गुरु ग्रंथ साहिब को विश्व की तमाम भाषाओं में अनुवाद करवाने जैसे केंद्र सरकार के फैसलों को लेकर धन्यवाद करेंगे. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी आगामी लोकसभा चुनावों के लिए 20 राज्यों में करीब 100 रैलियां करने वाले हैं. इन सभी जगहों पर पीएम मोदी अपनी सरकार की उपलब्धियां बताएंगे. साथ ही कई जन-कल्याणकारी योजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे.कांग्रेस भी हुई सक्रियउधर पंजाब कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी की इस रैली पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. कांग्रेस ने कहा कि मोदी पंजाब के लिए किसी बड़े पैकेज का ऐलान करें या किसानों पर जो करोड़ों का कर्ज है उसे माफ करने की बात उस मंच से करेंगे तो उनका धन्यवाद किया जा सकता है. पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर और सीनियर कांग्रेस लीडर साधू सिंह धरमसोत ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस को जिस हाल में सत्ता मिली है और पंजाब जो कर्जे में डूबा हुआ है वो सब कुछ अकाली-बीजेपी की सत्ता के 10 साल के दौरान ही हुआ है. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले पंजाब को इस संकट से निकालने की बात करनी चाहिए तभी प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया जा सकता है.गौरतलब है कि पंजाब में कुल 13 लोकसभा सीटें हैं, 2014 के चुनाव में बीजेपी-अकाली गठबंधन को यहां 6 सीटों पर जीत मिली थी. पंजाब में अकाली दल 10 सीटों पर और बीजेपी 3 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. 2014 में अकाली में 10 में से 4 पर जीत मिली थी और बीजेपी की 3 में से 2 सीट पर जीत हुई थी. लेकिन गुरदासपुर सीट पर अभिनेता विनोद खन्ना के निधन से उपचुनाव में इस सीट पर भी कांग्रेस ने कब्जा कर लिया. लेकिन अब पंजाब के बीजेपी कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए पीएम मोदी खुद पहली रैली का आगाज यहां से कर रहे हैं.
Source: News18 News

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