रिश्‍तेदारों की मौत से बौखलाया मसूद अजहर, कश्‍मीर में बनाया ‘गाजी प्‍लान’

जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अज़हर की फाइल फोटो

News18Hindi

Updated: January 2, 2019, 10:05 PM IST

संदीप बोलजम्मू-कश्मीर में सेना के ऑपरेशन ऑलआउट ने आतंकियों की कमर तोड़ दी है. जम्मू-कश्मीर में जैश के तक़रीबन सभी बड़े कमांडरों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया है. इसमें जैश सरगना मसूद अजहर का भांजा और भतीजा भी शामिल है. इन्हें ख़ास तौर पर मसूद ने कश्मीर में आतंकियों को ट्रेनिंग और सेना को निशाना बनाने के मकसद से भेजा था, लेकिन वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे पाते उससे पहले ही सुरक्षा बलों ने उन्हें ढेर कर दिया.सूत्रों ने बताया कि परिवार के लोगों की मौत का बदला लेने के लिए जैश सरगना बौखलाया हुआ है. खुफिया जानकारी के मुताबिक अब्दुल रशीद गाज़ी नाम के जैश कमांडर को खास तौर पर नए आतंकियों को ट्रेनिंग के लिए भेजा है. वह हथियारों और विस्फोटकों खास तौर पर आईईडी का एक्सपर्ट है. माना जाता है कि वह अफगानिस्‍तान में आतंकी गतिविधियों को चलाने में शामिल रहा है. वह जैश के आतंकियों को ट्रेनिंग दिया करता है.खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर को गाज़ी अपने दो आतंकी साथियों के साथ कश्मीर में दाखिल होने में कामयाब हो गया. माना जा रहा है कि वह कश्मीर के पुलवामा तक पहुंच चुका है. सूत्रों ने बताया कि उसे पहली जिम्‍मेदारी अल कायदा की तर्ज पर कश्‍मीर में नए आतंकियों की भर्ती करना है. बताया जा रहा है कि गाज़ी अफगानिस्तान में अमेरिका और नॉटो फोर्स के खिलाफ लड़ता रहा है.हाल के दिनों में कश्‍मीर घाटी से जिन भी युवाओं ने आतंक का रास्‍ता अपनाया, वे छह महीने ज्‍यादा समय तक सक्रिय नहीं रह पाए. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में नए आतंकी जल्‍दी निशाने पर आते हैं. पहले के मुक़ाबले अब इन आतंकियों की ट्रेनिंग न के बराबर होती है. आतंकियों में ट्रेनिंग की कमी के चलते पाकिस्तान में आतंक के आकाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.जैश आतंकी कमांडर उस्मान और तल्हा रशीद की मौत का बदला लेने के लिए खासतौर पर गाजी को भेजा गया है. उस्मान मौलाना मसूद अज़हर का भतीजा था और तल्हा रशीद जैश सरगना मसूद का भांजा था. इन्हें पिछले कुछ महीनों के दौरान अलग-अलग एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने ढेर किया था.जानकारों की मानें तो अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे ट्रेंड आतंकियों की घुसपैठ आने वाले दिनों में बढ़ सकती है. अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से अपनी पूरी फौज को वापस बुलाने के फैसले से भारत में आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं. पैसों का लालच देकर पाकिस्तान और वहां कि आतंकी तंजीमें इन्हें भारत के खिलाफ फिर से इस्तेमाल कर सकती हैं. ऐसा ही कुछ 90 के दशक में हुआ था. सूत्रों की मानें तो फ़िलहाल जम्मू कश्मीर में इस वक़्त 120 से ज़्यादा विदेशी आतंकी मौजूद हैं.Loading… एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

Loading…

और भी देखें

Updated: December 30, 2018 09:43 PM ISTतेजप्रताप यादव बोले- बीजेपी और जेडीयू के रिश्तेदार हैं नक्सली

Source: News18 News

Related posts