जेएंडजे के वितरक ने जीएसटी कटौती के बाद की मुनाफाखोरी

Publish Date:Sat, 08 Dec 2018 04:30 PM (IST)

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। जीएसटी मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण ने जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) के एक वितरण को जीएसटी कटौती के बाद मुनाफाखोरी करने का दोषी माना है। वितरक ने जीएसटी में कटौती के रूप में पांच लाख रुपये ज्यादा का फायदा उपभोक्ता को नहीं दिया।
नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी (एनएए) के समक्ष दायर किए गए एक मामले में कहा गया कि 15 नवंबर 2017 को जीएसटी की दर 28 फीसद से घटाकर 18 फीसद किए जाने के बाद इस वितरक ने दो उत्पादों की कीमत बढ़ा दी। उसने जेएंडजे बेबी शेंपू (100 एमएल) और जेएंडजे बेबी पाउडर (200 ग्राम) के पैक की कीमत में बढ़ोतरी की।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ एंटी प्रॉफिटियरिंग (डीजीएपी) ने इस शिकायत की जांच के दौरान वितरक के 15 नवंबर 2017 से 31 मार्च 2018 तक के खातों को खंगाला। इससे पता चला कि 15 नवंबर को जीएसटी घटने के बाद बेबी शेंपू का बेस प्राइस 57.24 से बढ़ाकर 62.10 रुपये कर दिया गया। इसी तरह बेबी पाउडर की कीमत 80.82 से बढ़ाकर 87.67 रुपये की गई।
एनएए ने वितरक को उपभोक्ता कल्याण कोष में पांच लाख रुपये से ज्यादा राशि 18 फीसद वार्षिक ब्याज सहित जमा कराने का आदेश दिया है। उसने बढ़ोतरी के अनुपात में सभी उत्पादों की कीमत घटाने का भी निर्देश दिया है। एनएए ने डीजीएपी को भी एक अप्रैल से अभी तक वितरक द्वारा की गई मुनाफाखोरी की भी जांच करने और रिपोर्ट सौंपने को कहा है। 

Posted By: Nitesh

Source: jagran.com

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