राहुल गांधी का हमला पीएम नरेंद्र मोदी किस तरह के हिंदू है?

[embedded content]सुप्रीम कोर्ट में आज सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को सीवीसी की अनुशंसा पर केंद्र सरकार द्वारा जबरन छुट्टी पर भेजे जाने की वैधता को लेकर जोरदार बहस हुआ.आज बहस के दौरान अदालत ने इस मामले में सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा, कांग्रेस पार्टी, अन्य दो ट्रांसफर किए गए सीबीआई अधिकारीयों, कॉमन कॉज़ के साथ ही केंद्र सरकार की तरफ से दलीलों को सुना. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी की रिपोर्ट मीडिया में लीक होने पर नाराजगी जताई थी. CJI, रंजन गोगोई ने गुस्से में यहां तक कह दिया था कि आप लोगों में से कोई भी सुनवाई के लायक नहीं है. आज अदालत में छुट्टी पर भेजे गए प्रीमियर जांच एजेंसी के निदेशक आलोक वर्मा की तरफ से वरिष्ठ वकील फली नरीमन ने दलीलें दीं. बहस शुरू होते ही नरीमन ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19 के तहत अदालत याचिका की सामग्री के प्रकाशन पर रोक नहीं लगा सकती है. इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ही 2012 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अगर मैं कल रजिस्ट्री में कुछ पेश करता हूं तो वह भी प्रेस में छप सकता है.
Source: HW News

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