तेलंगाना चुनाव: बुनकर फ्री साड़ी वितरण योजना को लेकर चिंतित

तेलंगाना में बढ़ रही चुनावी सरगर्मियों के बीच सिरसिला का बुनकर समुदाय सरकार की एक योजना के भविष्य को लेकर चिंतित है, जिसने उन्हें आजीविका के संकट से बाहर निकाला और आमदनी बढ़ाने में सहायता प्रदान की.इस सीट से तेलंगाना के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चद्रशेखर राव के पुत्र के. टी. रामाराव चुनाव लड़ रहे हैं.इसे भी पढ़ें :-OPINION: तेलंगाना में नायडू से गठबंधन का कांग्रेस को फायदा होगा या नुकसान?यहां का बुनकर इस बात चिंतित है कि अगर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सत्ता में वापसी करने में असफल रही तो ‘‘मुफ्त साड़ी वितरण योजना’’ समाप्त भी हो सकती है.राज्य में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. टीआरएस की मुफ्त में साड़ी देने वाली योजना ने यहां साड़ी बनाने के काम को बढ़ाने में खासी मदद की है.(ये भी पढ़ें- तेलंगाना में कतार लगवा कर पैसे बांटे, वीडियो वायरल)माइंडकेयर और काउंसलिंग सेंटर के कंसल्टिंग मनोवैज्ञानिक के पुन्नम चंद्र ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘2013 तक यहां एक साल में करीब 90-100 बुनकर आत्महत्या कर लेते थे. जागरूकता शिविरों, परामर्श प्रयासों और सरकार की योजनाओं की वजह से यहां बदलाव आया है.’उन्होंने बताया कि पावरलूम बुनकरों ने ज्यादा कमाई के मकसद से अपने शुरूआती दो करघों को बढ़ाकर 16 करघे तक कर लिया था. इससे साड़ियों का उत्पादन तो बढ़ा लेकिन उन्हें इसका कोई बाजार नहीं मिला और वे कर्ज जाल में फंसकर तनाव के चपेट में आ गये.टीआरएस सरकार ने इस योजना के पहले साल 2017 में एक करोड़ साड़ियां हर जाति, समुदाय और धर्म की महिलाओं में राशन की दुकानों के जरिए वितरित की गई. इस साल भी सरकार की 95 लाख साडि़यां बांटने की योजना है और इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं.ये भी पढ़ें-Opinion: तेलंगाना में बड़े-बड़े वादों को पूरा करने के लिए कहां से आएगा पैसा
Source: News18 News

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